Telegram का विवादों से पुराना नाता:9 देशों में बैन, आखिर क्यों इस एप से परेशान हैं सरकारें? – Telegram Banned In India Till June 22 Ahead Of Neet 2026 Re-exam


Telegram एप क्या है और किन देशों में रोक?

टेलीग्राम क्लाउड-आधारित इंस्टेंट मैसेजिंग एप है। इसे रूस के पावेल और निकोलाई डुरोव ने बनाया था। इसका मुख्यालय वर्तमान में दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद है। इस एप पर सुरक्षा, सामग्री और सरकारी नियमों के पालन न करने जैसे कारणों से कई देशों में आंशिक या पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है:

किन देशों में रोक है?

  • चीन: सरकार विरोधी गतिविधियों और आलोचनाओं के कारण जुलाई 2015 से बैन है।
  • क्यूबा: सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सूचनाओं को फैलने से रोकने के लिए जुलाई 2021 से बैन है।
  • ईरान: शुरुआत में कई बार पाबंदियां लगाने और हटाने के बाद, आखिरकार 1 मई 2018 को इसे पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया।
  • नेपाल: फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी चिंताओं के कारण 18 जुलाई 2025 को इस एप को बैन किया गया है।
  • पाकिस्तान: पाकिस्तान के टेलिकॉम अथॉरिटी (PTA) के निर्देशों के बाद नवंबर 2017 से इसे पूरी तरह से ब्लॉक किया गया है।
  • सोमालिया: गलत सूचना, अश्लील सामग्री और आतंकी समूहों के जरिए इसके इस्तेमाल की वजह से अगस्त 2023 से बैन है।
  • थाईलैंड: थाईलैंड में 2020-21 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के जरिए इसका इस्तेमाल किए जाने के कारण अक्तूबर 2020 में इसे ब्लॉक करने के आदेश दिए गए।
  • वियतनाम: अवैध और दुर्भावनापूर्ण कंटेंट को न हटाने के कारण 21 मई 2025 से इस एप के ऑपरेशंस पर रोक लगा दी गई है।
  • रूस: फरवरी 2026 में एप की स्पीड धीमी करने के बाद, अप्रैल 2026 की शुरुआत से रूसी सरकार ने टेलीग्राम को फिर से लगभग पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है। 

वे देश जहां पहले बैन था या आंशिक प्रतिबंध लागू हैं

इन देशों में आम जनता के लिए टेलीग्राम पूरी तरह से बैन नहीं है, लेकिन या तो यहां अतीत में कुछ समय के लिए बैन लगा था या फिर यहां कुछ खास तरह के नियम और शर्तें लागू हैं।

  • ब्राजील: फेक न्यूज और नियो-नाजी गतिविधियों की जांच में सहयोग न करने पर 2022 और 2023 में इसे कुछ दिनों के लिए सस्पेंड किया गया था, लेकिन बाद में जुर्माना लगाकर बैन हटा लिया गया।
  • केन्या: केन्या सरकार ने नवंबर 2023 और फिर नवंबर 2024 में राष्ट्रीय परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक और नकल रोकने के लिए टेलीग्राम को कुछ हफ्तों के लिए अस्थायी रूप से ब्लॉक किया था।
  • फ्रांस: डेटा सुरक्षा के लिहाज से नवंबर 2023 से सभी सरकारी मंत्रियों और कर्मचारियों के लिए इसके इस्तेमाल पर बैन है।
  • जर्मनी और चेक गणराज्य: यहां पूरी तरह से बैन नहीं है, लेकिन हेट स्पीच या रूसी प्रोपेगेंडा फैलाने वाले कई खास टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक किया गया है।
  • अजरबैजान: 2020 में युद्ध के दौरान कुछ समय के लिए बैन किया गया था, जो बाद में हटा लिया गया।
  • इनके अलावा हांगकांग, बेलारूस, इंडोनेशिया, इराक, नॉर्वे, पोलैंड, रूस, स्पेन और यूक्रेन भी इस लिस्ट में शामिल हैं, जहां समय-समय पर कुछ विशेष चैनलों को ब्लॉक करने, सरकारी कर्मचारियों पर रोक लगाने या कुछ दिनों के अस्थायी बैन जैसी कार्रवाइयां की गई हैं।

Telegram कई देशों में बैन या प्रतिबंधित क्यों है? 

मशहूर मैसेजिंग एप टेलीग्राम अपनी बेहतरीन सुविधाओं के लिए जाना जाता है, लेकिन दुनिया के कई देशों में इसे बैन किया गया है या इस पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। इसके पीछे मुख्य कारण राष्ट्रीय सुरक्षा, एप की मजबूत प्राइवेसी और यूजर डेटा पर सरकार का कंट्रोल न होना है।

सरकारें अक्सर इस एप को इसलिए ब्लॉक करती हैं ताकि सरकार विरोधी प्रदर्शनों को रोका जा सके, ऑनलाइन स्कैम पर लगाम लगाई जा सके या फिर अपने स्थानीय नियमों का पालन करवाया जा सके।

किन खास वजहों से टेलीग्राम विवादों में रहता है?

1. यूजर का डेटा शेयर न करना

टेलीग्राम की सबसे बड़ी खासियत ही कई बार इसके लिए मुसीबत बन जाती है। यह एप प्राइवेट चैट्स को पूरी तरह सुरक्षित रखता है और सरकारों को यूजर का डेटा या एन्क्रिप्शन की देने से साफ मना कर देता है।

उदाहरण: रूस और ईरान जैसे देशों ने इस एप पर इसलिए कड़ी कार्रवाई की क्योंकि टेलीग्राम ने सुरक्षा एजेंसियों को जांच के लिए यूजर के चैट डेटा का एक्सेस नहीं दिया था।

2. विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक सेंसरशिप

जिन देशों में बोलने की आजादी पर कड़ी निगरानी होती है, वहां टेलीग्राम को अक्सर ब्लॉक कर दिया जाता है। दरअसल, यह एप कार्यकर्ताओं और विरोधियों के लिए एकजुट होने का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन जाता है।

उदाहरण: चीन ने अपने सख्त इंटरनेट नियमों के तहत इसे पूरी तरह बैन किया हुआ है। वहीं, ईरान ने इसे इसलिए बैन किया क्योंकि इस एप का इस्तेमाल देशभर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों की योजना बनाने के लिए किया जा रहा था।

3. गैरकानूनी गतिविधियां और पेपर लीक

टेलीग्राम पर बहुत बड़े-बड़े पब्लिक ग्रुप और चैनल बनाए जा सकते हैं, जिन पर कंपनी की निगरानी काफी कम होती है। इसका फायदा उठाकर कई लोग डिजिटल ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराध करते हैं।

उदाहरण: भारत में भी टेलीग्राम तब जांच के घेरे में आया था, जब इसका इस्तेमाल बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने और नकल कराने वाले गिरोहों के जरिए किया गया। इसे रोकने के लिए सरकार को एप के एक्सेस पर कुछ प्रतिबंध लगाने पड़े थे।

4. स्थानीय नियमों का उल्लंघन

कुछ देश इस एप को इसलिए भी बैन कर देते हैं क्योंकि टेलीग्राम वहां के टेलीकॉम विभाग या अथॉरिटी के पास खुद को रजिस्टर नहीं करता।

उदाहरण: नेपाल ने ऑनलाइन फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के बाद एप को कुछ समय के लिए ब्लॉक कर दिया था। यह बैन तब तक जारी रहा जब तक कि कंपनी ने वहां आधिकारिक तौर पर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन नहीं किया।



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