मेंटल हेल्थ:बिना किसी वजह के रहती है बेचैनी? कहीं आपकी ये आदतें तो जिम्मेदार नहीं – Lifestyle Habits That Can Affect Your Mental Health Habits That Makes You More Anxious
मेंटल हेल्थ की समस्याएं दुनियाभर में तेजी से बढ़ती जा रही हैं, कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। भागदौड़ भरी इस जिंदगी में तनाव और चिंता होना काफी आम हो गया है। हालांकि अगर ये दिक्कतें लंबे समय तक बनी रहती है और इससे आपकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मानसिक स्वास्थ्य पर सिर्फ हमारी परिस्थितियों का ही असर नहीं पड़ता, बल्कि हमारी दिनचर्या भी इसमें भूमिका निभाती है। शारीरिक गतिविधि की कमी, लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहना और शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन ऐसी आदतें हैं जिनका मेंटल हेल्थ पर सीधा असर देखा गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, युवाओं में बढ़ता स्क्रीन टाइम और इससे खराब होती नींद सबसे ज्यादा चिंता का विषय है। आइए जानते हैं कि आपके मानसिक स्वास्थ्य पर किन आदतों का सबसे ज्यादा असर पड़ता है?

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सेडेंटरी लाइफस्टाइल
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घंटों बैठे रहना भी मेंटल हेल्थ के लिए ठीक नहीं
लंबे समय तक बैठकर काम करना आजकल काफी आम हो गया है। ऑफिस का काम हो या, पढ़ाई, मोबाइल हो या मनोरंजन, लोगों के दिन का बड़ा हिस्सा बैठे-बैठे बीत रहा है।
- अध्ययनों में पाया गया है कि शारीरिक निष्क्रियता समय के साथ चिंता या अवसाद जैसे मानसिक स्वास्थ्य विकारों के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है।
- वहीं नियमित शारीरिक गतिविधि और व्यायाम की आदत को मानसिक स्वास्थ्य में सुधार और हैप्पी हार्मोन्स को बढ़ाने वाला पाया गया है।
- मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए वॉकिंग, साइकिलिंग, योग जैसी गतिविधियां भी फायदेमंद हो सकती हैं।

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मोबाइल की बढ़ती आदत
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लगातार स्क्रॉलिंग बन सकती है परेशानी की वजह
मोबाइल और सोशल मीडिया के अधिक इस्तेमाल को लेकर भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चिंता जताते रहे हैं। इसे कुछ लोगों में चिंता, अवसाद और नींद की समस्याओं को बढ़ाने वाला पाया गया है।
- जब आप बार-बार फोन चेक करते हैं, रात में देर तक स्क्रॉल करते रहते हैं तो इसे नींद पर असर पड़ता है जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है।
- सोशल मीडिया पर निगेटिव कंटेट देखना और दूसरों से अपनी तुलना करना भी नकारात्मकता और चिंता-अवसाद बढ़ाने वाला हो सकता है।

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शराब के नुकसान
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तनाव कम करने के लिए शराब या नशीले पदार्थों का सहारा लेना खतरनाक
कुछ लोग तनाव, उदासी या चिंता से राहत पाने के लिए शराब या दूसरे नशीले पदार्थों का सेवन शुरू कर देते हैं। शुरुआत में इससे कुछ समय के लिए आराम या मूड में बदलाव महसूस हो सकता है, लेकिन असल में ये आपकी समस्या को और भी गंभीर बनाने वाली आदत हो सकती है।
- शराब मस्तिष्क में कई रासायनिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करती है और लंबे समय में इससे चिंता, नींद की समस्या और मूड से जुड़े लक्षण बढ़ सकते हैं।
- इसलिए तनाव या चिंता से निपटने के लिए शराब को समाधान मानना अपनी समस्या को और बढ़ाने वाला हो है।
- शराब कई बार आपके लक्षणों को दबा सकती है जिससे बीमारी के निदान में देरी हो सकती है और समस्या के गंभीर रूप लेने का भी खतरा बढ़ जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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