Alert:फोटो लेते समय दिखाते हैं दो उंगलियां? ये आदत आपको कर सकती है कंगाल! हैकर्स ने ढूंढ निकाला नया तरीका – Ai Can Now Steal Fingerprints From Selfies, Experts Warn Against Peace Sign Photos
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क्या आपको भी सेल्फी लेते समय ‘पीस साइन’ (दो उंगलियां दिखाना) दिखाने की आदत है? अगर हां, तो अब आपको अपनी इस आदत को बदलने की जरूरत है। आज के समय में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) मददगार तो बहुत है लेकिन खतरनाक भी उतना ही है। हैकर्स एआई का इस्तेमाल आपकी पर्सनल डिटेल्स और आपका पैसा दोनों चुराने के लिए कर सकते हैं। इसी कड़ी में ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स एआई का इस्तेमाल करके आपकी एक साधारण सी सेल्फी से आपके फिंगरप्रिंट (उंगलियों के निशान) चुरा सकते हैं। यह मामला काफी गंभीर है, आइए जानते हैं कैसे?

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सेल्फी लेते समय ये आदत आपको कर सकती है कंगाल (सांकेतिक तस्वीर)
– फोटो : एआई
कैसे हो रही है फिंगरप्रिंट की चोरी?
इस रिपोर्ट के मुताबिक, सिक्योरिटी एक्सपर्ट ली चांग ने एक चीनी टीवी शो में लाइव करके दिखाया कि फिंगरप्रिंट चुराना कितना आसान हो गया है। उन्होंने एक सेलिब्रिटी की सेल्फी का इस्तेमाल किया और बताया कि कैसे ‘पीस साइन’ वाली फोटो में फिंगरप्रिंट का पूरा डेटा छिपा होता है।

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फिंगरप्रिंट (सांकेतिक तस्वीर)
– फोटो : एआई
कितनी दूरी से है खतरा?
सिक्योरिटी एक्सपर्ट के अनुसार, अगर कैमरा आपसे 1.5 मीटर यानी करीब 5 फीट की दूरी पर है और आपकी उंगलियों के पोर सीधे कैमरे की तरफ हैं तो फिंगरप्रिंट की जानकारी बहुत आसानी और सफाई से निकाली जा सकती है। वहीं अगर फोटो 1.5 से 3 मीटर की दूरी से भी ली गई हो, तब भी हैकर्स के हाथ आपके फिंगरप्रिंट की लगभग 50% डिटेल लग सकती है।

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सेल्फी (सांकेतिक तस्वीर)
– फोटो : एक्स
एआई धुंधली फोटो को भी कर देता है साफ
अब आपके मन में यह सवाल आ सकता है कि हमारी सेल्फी में तो उंगलियां अक्सर धुंधली आती हैं तो फिर फिंगरप्रिंट कैसे चोरी हो सकते हैं? दरअसल, यहीं पर एआई (एआई) हैकर्स का काम आसान कर रहा है। हैकर्स एडवांस्ड फोटो-एडिटिंग और एआई-एन्हांसमेंट टूल्स की मदद से उन धुंधली उंगलियों को एकदम साफ और हाई-क्वालिटी में बदल देते हैं।
इससे उन्हें आपके फिंगरप्रिंट की पूरी डिटेल मिल जाती है। एक्सपर्ट्स इस पर गंभीर चेतावनी देते हुए कहते हैं कि पासवर्ड हैक होने पर तो उसे बदला जा सकता है, लेकिन फिंगरप्रिंट या चेहरे का डेटा (बायोमेट्रिक) हमेशा के लिए फिक्स होता है। ऐसे में अगर यह डेटा एक बार चोरी हो गया तो आप पहचान की चोरी और बड़े वित्तीय नुकसान के स्थाई शिकार हो सकते हैं।

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पीस साइन (सांकेतिक तस्वीर)
– फोटो : एआई
इंडस्ट्रियल लेवल पर पहुंच गई है एआई हैकिंग
सिर्फ फिंगरप्रिंट ही नहीं, बल्कि हैकिंग की पूरी दुनिया में ही एआई का इस्तेमाल अब बेहद खतरनाक और इंडस्ट्रियल लेवल पर पहुंच गया है। गूगल के थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, महज तीन महीनों के भीतर एआई हैकिंग एक बहुत बड़े वैश्विक खतरे के रूप में उभरी है।
अब चीन, उत्तर कोरिया और रूस जैसे देशों से जुड़े शातिर हैकिंग ग्रुप्स जेमिनी, क्लाउड और ओपनएआई जैसे कमर्शियल एआई टूल्स का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि वे अपने साइबर हमलों को पहले से कहीं ज्यादा तेज, बड़े पैमाने पर और घातक बना सकें।
इस बढ़ते खतरे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रमुख एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने पिछले महीने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने सबसे नए और एडवांस्ड एआई मॉडल ‘माइथोस’ (Mythos) को आम जनता के लिए रिलीज करने से साफ मना कर दिया।
कंपनी ने चेतावनी दी है कि यह तकनीक इतनी ज्यादा ताकतवर है कि अगर यह गलत हाथों या हैकर्स के पास पहुंच गई। तो दुनिया भर के बैंकिंग सिस्टम, सरकारों और ग्लोबल सिक्योरिटी के लिए एक बहुत बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।