नीट-जेईई कोचिंग का बढ़ता क्रेज:दाखिला लेने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना हो सकता है नुकसान – Neet-jee Coaching Craze: Are You Joining The Crowd Blindly? Key Things To Check Before Admission
Student Career Decisions: दसवीं के परिणाम आते ही नीट और जेईई कोचिंग संस्थानों ने ‘नए वैच’ का शोर मचाना शुरू कर दिया है। दाखिले के विज्ञापनों की चमक-दमक के बीच अभिभावक अक्सर यह भूल जाते हैं कि यह निर्णय उनके बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा है। यदि आप भी अपने बच्चे को कोचिंग में प्रवेश दिलाने जा रहे हैं, तो इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अवश्य गौर फरमाएं।
सफलता का वास्तविक प्रतिशत
होर्डिंग्स पर ‘हजारों सिलेक्शन’ की संख्या के बजाय ‘सक्सेस रेट’ अवश्य देखें। कुल कितने छात्रों में से कितनों का चयन हुआ, यही कोचिंग की असली गुणवत्ता है।
भ्रामक विज्ञापनों से बचें
आप कोचिंग संस्थान के विज्ञापनों पर न जाएं, अक्सर देखा जाता है कि एक ही टॉपर का फोटो कई संस्थानों में लगा होता है। इसलिए विज्ञापनों के बजाय धरातल पर फीडबैक लें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि एक कक्षा में 40 से अधिक छात्र न हों। इससे भीड़ में आपके बच्चे को व्यक्तिगत मार्गदर्शन नहीं मिल पाएगा।
स्वास्थ्य सर्वोपरि
कोचिंग में 24/7 हेल्पलाइन और ऑन-कैंपस मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर की उपलब्धता की जांच करें। साथ ही यह भी देखें कि कोचिंग का शेड्यूल आपके बच्चे को सात-आठ घंटे की नींद और खेल का समय दे पा रहा है या नहीं, यदि नहीं तो वह संस्थान बच्चे को मानसिक रोगी बना सकता है।