‘हम युद्ध रोकना चाहते हैं, पुतिन नहीं’:जेलेंस्की बोले-रूस पर कड़े प्रतिबंध ही शांति का रास्ता; और क्या कहा? – Us Senate Russia Sanctions Bill Zelenskyy Trump Putin Ukraine War 2026


अमेरिकी सीनेट में रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को बड़ी बढ़त मिली है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इसे शांति की दिशा में पहला कदम बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका, यूक्रेन और यूरोप युद्ध खत्म करना चाहते हैं, लेकिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब भी युद्धविराम के लिए तैयार नहीं हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं। उन्होंने वॉशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इसके अलावा अमेरिकी सीनेट के दोनों दलों के 60 से अधिक सांसदों से भी बातचीत की।

इसी दौरान अमेरिकी सीनेट ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए प्रक्रियात्मक मतदान किया। इस प्रस्ताव के पक्ष में 86 और विरोध में 12 वोट पड़े। जेलेंस्की ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह ‘शांति की दिशा में पहला कदम’है। उन्होंने कहा कि यह वही प्रस्ताव है, जिस पर दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने लंबे समय तक काम किया था।

क्या पुतिन युद्ध रोकना नहीं चाहते?

फॉक्स न्यूज के होस्ट सीन हैनिटी को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन हर दिन युद्ध रोकने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप युद्ध खत्म करना चाहते हैं। यूक्रेन चाहता है। यूरोपीय देश भी चाहते हैं। लेकिन पुतिन नहीं चाहते।’ जेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूक्रेन लगातार अस्थायी युद्धविराम की मांग कर रहा है ताकि राजनयिक बातचीत शुरू हो सके। लेकिन रूस इसके लिए भी तैयार नहीं है। इसलिए रूस पर और दबाव बनाने और प्रतिबंध लगाने की जरूरत है।

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लिंडसे ग्राहम का जिक्र क्यों किया?

जेलेंस्की ने दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम को याद किया। उन्होंने कहा कि ग्राहम युद्ध की शुरुआत से ही यूक्रेन के मजबूत समर्थक थे। जेलेंस्की के मुताबिक, ग्राहम युद्ध के दौरान 10 बार यूक्रेन आए। उन्होंने कई इलाकों का दौरा किया, जिनमें मोर्चे के करीब के क्षेत्र भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि ग्राहम को पूरा भरोसा था कि रूस यूक्रेन पर कब्जा नहीं कर पाएगा और ऐसा ही हुआ।

यूक्रेन की रक्षा क्षमता पर क्या चर्चा हुई?

जेलेंस्की ने अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन के अधिकारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने बताया कि यह कंपनी ATACMS, HIMARS, F-16 और पैट्रियट सिस्टम के लिए मिसाइलें बनाती है। बैठक में संयुक्त उत्पादन, तकनीक के आदान-प्रदान और यूक्रेन की वायु रक्षा मजबूत करने पर चर्चा हुई। जेलेंस्की ने कहा कि दोनों देशों की टीमें संयुक्त उत्पादन शुरू करने के लिए ठोस समाधान पर काम कर रही हैं।

क्या रूस को भारी नुकसान हो रहा है?

जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस हर महीने 30,000 सैनिक खो रहा है। उन्होंने कहा कि युद्ध की शुरुआत में पुतिन ने दावा किया था कि रूस दो या तीन दिन में यूक्रेन पर कब्जा कर लेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन ने अपनी सैन्य तकनीक को तेजी से मजबूत किया है। अब देश में 500 कंपनियां रक्षा तकनीक के क्षेत्र में काम कर रही हैं और मोर्चे पर सैनिकों की मदद कर रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अब हालात बदल चुके हैं। युद्ध की पहल पहले जैसी रूस के हाथ में नहीं रह गई है।



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