फ्री कोचिंग:योजनाओं को एक करने की तैयारी में केंद्र सरकार, अभी तय रोडमैप न होने से नहीं मिलता फायदा – Pm Modi Free Coaching Call Govt Preparing Schemes Consolidation Benefits Missed Due To Lack Of Defined Roadmap
केंद्र और राज्य सरकारें मेडिकल, इंजीनियरिंग से यूपीएससी तक की मुफ्त कोचिंग पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च करती हैं। फिर भी छात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता और वे महंगी कोचिंग में जाने को मजबूर हैं।
अब सरकारी कोचिंग योजनाओं को एकीकृत करने या फ्री ऑनलाइन कोचिंग पोर्टल पर लिंक करने की तैयारी चल रही है। ताकि सभी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की सभी दाखिला और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का लाभ मिल सके।
दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की थी। इसके बाद कोचिंग रोडमैप बनाने के दौरान सरकार को पता चला कि मेडिकल, इंजीनियरिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं का लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल पाता है।
एक अधिकारी ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय इसका रोडमैप तैयार कर रहा है। शिक्षा मंत्रालय पहले ही साथी प्लेटफॉर्म पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत सभी जाति, धर्म व समुदाय के 21 लाख से अधिक उम्मीदवारों को जेईई, नीट, सीयूईटी, एसएससी, बैंकिंग की मुफ्त तैयारी करवा रहा है। हालांकि प्रचार न होने से ग्रामीण छात्रों को लाभ नहीं मिल पाता।
तय रोडमैप न होने से नहीं मिलता फायदा
राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी के लिए राज्यों के पास कोई तय रोडमैप नहीं है। विशेषज्ञ या पैटर्न का अभाव है। इसलिए विद्यार्थी कोचिंग के लिए नहीं जाते।
अनुमान के मुताबिक, राज्य कोचिंग के लिए सालाना 50 से 60 करोड़ रुपये खर्च करते हैं। सामान्य तैयारी करवाते हैं। जबकि जेईई, नीट का पेपर काफी अलग होता है। इसलिए सीमित आरक्षित वर्ग को ही लाभ मिलता है।
अभी ये एजेंसियां करवाती हैं तैयारी
- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) अपनी वेबसाइट पर नीट, जेईई और सीयूईटी के लिए अभ्यास एप पर प्रैक्टिस करवाती है।
- सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय एससी-ओबीसी और पीएम केयर्स स्कीम में सालाना आठ लाख रुपये से कम आय वाले छात्रों की यूपीएससी, एसएससी, आरआरबी, बैंक परीक्षा की तैयारी करवाता है।
- आंबेडकर फाउंडेशन के तहत जामिया मिल्लिया इस्लामिया, इलाहाबाद विवि, बीएचयू, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी लखनऊ समेत 30 विवि यूपीएससी की तैयारी करवाते हैं।