दिवाली-छठ पर खुलेंगे कमाई के नए दरवाजे, 2.5 लाख लोगों को मिलेगी बंपर नौकरी – New Avenues For Earning To Open During Diwali And Chhath; 2.5 Lakh People To Get Bumper Job Opportunities.


ग्लोबल टेक्नोलॉजी और डिजिटल टैलेंट सॉल्यूशन देने वाली कंपनी एनएलबी सर्विसेज की एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले त्योहारों के मौसम में भारत में हायरिंग गतिविधियों में 15 से 20 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। यह रिपोर्ट उद्योग के नवीनतम रुझानों, नियोक्ताओं की सोच और त्योहारों के दौरान जारी वास्तविक नौकरी पोस्टिंग्स पर आधारित है, जो यह अनुमान लगाने में मदद करती है कि कितने मौसमी और गिग जॉब्स सृजित हो सकते हैं। जैसे-जैसे देश त्योहारों के उत्सवपूर्ण मौसम में प्रवेश कर रहा है, ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, ट्रैवल और कंज्यूमर सर्विसेज जैसे प्रमुख सेक्टर्स में सक्रिय व्यवसाय साल के सबसे अधिक मांग वाले समय के लिए व्यापक तैयारियां कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में उपभोक्ता खर्च और सेवाओं की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिसके कारण कंपनियों को अतिरिक्त कार्यबल की तत्काल आवश्यकता महसूस होती है। त्योहारों का मौसम अब भारत के वर्कफोर्स के लिए एक वास्तविक समय का तनाव परीक्षण बनता जा रहा है, जिसमें नियोक्ता पारंपरिक aभर्ती प्रक्रियाओं से आगे बढ़कर पहले से ही हायरिंग शुरू कर रहे हैं। वे पारंपरिक टैलेंट हब्स से परे नए क्षेत्रों में प्रतिभा की खोज कर रहे हैं और प्रौद्योगिकी-सक्षम, लचीले तथा तुरंत काम शुरू करने के लिए तैयार टैलेंट पूल पर अधिक भरोसा कर रहे हैं। 

यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले त्योहारों की मौसमी मांग को केवल अल्पकालिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब यह नए टैलेंट पूल तक पहुंचने, बड़े पैमाने पर क्षमताओं का आकलन करने और दीर्घकालिक रोजगार के मार्ग बनाने का एक रणनीतिक अवसर बनता जा रहा है। एनएलबी सर्विसेज के एसवीपी और एपीएसी हेड वरुण सचदेवा ने इस संदर्भ में कहा कि त्योहारों के दौरान होने वाली हायरिंग का वास्तविक प्रभाव केवल इस सीजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके बाद भी लंबे समय तक बना रह सकता है। कई नियोक्ता इस मौसमी भर्ती को स्थायी प्रतिभा पाइपलाइन विकसित करने के अवसर के रूप में उपयोग कर रहे हैं, जहां अस्थायी कर्मचारियों को बाद में पूर्णकालिक भूमिकाओं में परिवर्तित किया जा सकता है। रिपोर्ट इस बात पर भी प्रकाश डालती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और एआई-आधारित टैलेंट मैचिंग टूल्स की मदद से कंपनियां तेजी से योग्य उम्मीदवारों को ढूंढ रही हैं, जो न केवल त्योहारों की भीड़ को संभालने में सक्षम हों बल्कि भविष्य की व्यावसायिक जरूरतों के अनुरूप भी हों। कुल मिलाकर, यह प्रवृत्ति भारतीय श्रम बाजार में लचीलेपन, प्रौद्योगिकी अपनाने और रणनीतिक मानव संसाधन प्रबंधन की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है, जो त्योहारों के मौसम को केवल अस्थायी उछाल से आगे ले जाकर सतत रोजगार सृजन का माध्यम बना रही है।

 



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