तीरंदाजी पर फिर डोपिंग का साया:अब ये भारतीय डोप में फंसा; इस खेल में अब तक का यह तीसरा मामला – Doping Shadow Looms Over Indian Archery Again, Shukmani Becomes Third Archer Athlete To Be Caught


हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Swapnil Shashank

Updated Tue, 21 Apr 2026 10:33 AM IST

भारतीय तीरंदाजी पर एक बार फिर डोपिंग का साया मंडराने लगा है, जहां सुखमणि का नाम डोपिंग मामले में सामने आया है। यह इस खेल में अब तक का तीसरा मामला है, जिसने भारतीय तीरंदाजी की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों से एंटी-डोपिंग सिस्टम और खिलाड़ियों की निगरानी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।


Doping Shadow Looms Over Indian Archery Again, Shukmani Becomes Third archer Athlete To Be Caught

सुखमणि
– फोटो : instagram



विस्तार

डोपिंग की काली छाया से दूर रहने वाले खेल तीरंदाजी पर भी इसका खतरा मंडराने लगा है। नाडा की ओर से की गई टेस्टिंग में अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज सुखमणि गजानन बाबरेकर डोप पॉजिटिव पाए गए हैं। उनके सैंपल में विश्व डोप रोधी एजेंसी (वाडा) की सूची एस-3 के अंतर्गत प्रतिबंधित बीटा-2 एगोनिस्ट टरब्यूटालाइन पाया गया है। नाडा ने सुखमणि से इस प्रतिबंधित पदार्थ के बारे में जवाब मांगा है। महाराष्ट्र के सुखमणि ने अस्थायी प्रतिबंध स्वीकार कर लिया है। तीरंदाजी में डोपिंग दुर्लभ बात मानी जाती है। यह देश की तीरंदाजी में डोपिंग का महज तीसरा मामला है। कुछ वर्ष पूर्व पंजाब के एक तीरंदाज को डोपिंग के लिए प्रतिबंधित किया गया था। अगर सुखमणि नाडा को संतोषजनक उत्तर नहीं देते हैं तो सुनवाई के दौरान उन पर दो से चार साल का प्रतिबंध लग सकता है।


औरंगाबाद में लिया गया था सैंपल

2017 की विश्व यूथ चैंपियनशिप और 2018 के एशिया कप स्टेज-3 में रजत पदक जीतने वाले रिकर्व तीरंदाज सुखमणि औरंगाबाद स्थिति एनसीओई में थे। जहां उनका नाडा ने आउट ऑफ कंपटीशन सैंपल लिया था। उनसे इस वर्ष 19 फरवरी को बी सैंपल कराने के बारे में पूछा गया। उन्होंने बी सैंपल नहीं कराया और अस्थायी प्रतिबंध स्वीकार कर लिया। अब उनसे इस प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन की स्वीकारोक्ति के बारे में पूछा गया है। उन्हें इस माह तक जवाब देना है।

एएआई जारी करेगा हिदायतें

कुछ दिन पूर्व नाडा ने 2023 के एशियाई खेलों में कंपाउंड टीम स्वर्ण जीतने वाले प्रथमेश जावकर से भी नाडा ने तीन व्हेयर अबाउट फेल्योर (टेस्ट के लिए पता नहीं बताना) पर जवाब मांगा है। अगर वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए तो उन पर भी प्रतिबंध लगेगा, जिससे वह एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाएंगे। अब सुखमणि का केस सामने आने पर भारतीय तीरंदाजी महासंघ (एएआई) डोपिंग के मामलों को गंभीरता से लेते हुए तीरंदाजों के लिए दिशा निर्देश निकालने जा रहा है। जिसमें तीरंदाजों को नाडा के नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी जाएगी।



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