आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन प्राइवेसी एक अहम मुद्दा बन गया है। हम जिन एप्स का अक्सर इस्तेमाल करते हैं उनके पास हमारी कई अहम जानकारियां होती है। आप कहां घूमने जाते हैं, क्या खाना पसंद करते हैं, आप कौन से कपड़े सबसे ज्यादा खरीदते हैं? इसकी जानकारी आपके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एप के पास होती है। ये एप्स आपकी आदतों और पसंद के अनुसार आपको विज्ञापन यानी एड दिखाते हैं। यदि आप उन प्रोडक्ट्स को खरीदते हैं तो इससे उनकी कमाई होती है। इतना तो ठीक है, लेकिन जहां सवाल आपकी व्यक्तिगत बातचीत पर निगरानी रखने की होता है, तो ऐसे में आपकी प्राइवेसी पर खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
आज दुनिया के सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले मैसेजिंग एप व्हाट्सएप (WhatsApp) पर भी कुछ ऐसे ही आरोप लग रहे हैं। मेटा (Meta) के मैसेजिंग एप WhatsApp की प्राइवेसी को लेकर उठे विवाद ने पूरी टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। अमेरिका में दर्ज एक मुकदमे के बाद कई दिग्गज टेक लीडर्स खुलकर मेटा की आलोचना कर रहे हैं और यूजर डेटा की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। इस बार दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क और जोहो (Zoho) के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने मेटा पर तीखा हमला बोला है।
टेक दिग्गजों ने बोला सीधा हमला
व्हाट्सएप पर प्राइवेसी को कमजोर करने और यूजर्स के मैसेज को पढ़ने के आरोप लग रहे हैं, जबकि एप हमेशा से ही चैट्स के लिए एन्ड-टू-एन्ड एन्क्रिप्शन का दावा करता आया है। इस मुद्दे पर स्पेसएक्स और टेस्ला के फाउंडर एलन एक्स ने एक्स पर टिप्पणी की है। एक पोस्ट में मस्क ने साफ शब्दों में कहा, “व्हाट्सएप सुरक्षित नहीं है। यहां तक कि सिग्नल (Signal) भी संदेह के घेरे में है।” उन्होंने यूजर्स को सलाह दी कि वे इसके बजाय X चैट का इस्तेमाल करें। मस्क लंबे समय से मेटा की डेटा हैंडलिंग नीतियों के आलोचक रहे हैं और इस बार उन्होंने सीधे तौर पर यूजर्स की सुरक्षा पर चिंता जताई है।