Jnu:’जेएनयू राष्ट्रवादी विश्वविद्यालय’, नारेबाजी विवाद पर वाइस चांसलर बोलीं- कुछ पागल इसे परिभाषित नहीं करते – Vice Chancellor Santishree Dhulipudi Pandit Slogan Controversy Pm Modi Shah Lunatic Fringe Cannot Define Jnu
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी विवाद में अब यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर शांतिश्री धुलीपुडी पंडित का बयान सामने आया है। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, कुछ पागल लोग, जेएनयू को परिभाषित नहीं कर सकते। उन्होंने जेएनयू को सबसे राष्ट्रवादी विश्वविद्यालय बताया।
नारेबाजी विवाद पर क्या बोलीं जेएनयू वाइस चांसलर
जेएनयू परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में वाइस चांसलर शांतिश्री धुलिपुडी पंडित ने कहा, ‘हर विश्वविद्यालय में पागल रहते हैं और ये पागल इस विश्वविद्यालय को परिभाषित नहीं करते। सेना, वायुसेना, नौसेना और आईएमए, डीआरडी के अधिकारी, सब इस यूनिवर्सिटी के छात्र रहे हैं। यहां के सकारात्मक पक्ष पर ध्यान दें। यहां गरीब बच्चे आते हैं पढ़ने के लिए, 10 और 15 रुपये फीस है यहां पर। हम किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं करते और हम भारत की सबसे राष्ट्रवादी यूनिवर्सिटी हैं।’ उन्होंने कहा, ‘नारेबाजी विवाद के बाद 24 घंटे के भीतर जेएनयू में सब कुछ ठीक था और शांति थी। हर संस्थान में अराजक तत्व होते हैं, लेकिन वे संस्थान के मूल्यों को नहीं दर्शाते।’
सोमवार रात को हुई थी विवादित नारेबाजी
गौरतलब है कि बीते सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगे की साजिश रचने के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद सोमवार रात में कथित तौर पर छात्रों के एक समूह ने परिसर के अंदर पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारेबाजी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।
विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 (शांति भंग करने), 353(1) समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी से मंगलवार को वसंत कुंज उत्तरी पुलिस थाने में शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई हुई। पुलिस ने कहा कि जेएनयू प्रशासन द्वारा कानूनी कार्रवाई की मांग के बाद मामला दर्ज किया गया, जिसने नारों को अत्यधिक आपत्तिजनक, उत्तेजक और भड़काऊ बताया था।