World Updates:स्लोवेनिया के नए विदेश मंत्री को जयशंकर ने दी बधाई; हवाई में भारत-अमेरिका सेना वार्ता – World News Updates Today Israel Attacks On South Lebanon Evacuation Warnings Us China


विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्लोवेनिया के नए विदेश मंत्री टोन काजर को पदभार संभालने पर बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि वह उनके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। टोन काइजर ने गुरुवार को आधिकारिक रूप से शपथ लेकर नई दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार में विदेश मंत्री का पद संभाला। उनकी नियुक्ति को इस सप्ताह स्लोवेनिया की संसद ने मंजूरी दी थी। काइजर को कूटनीतिक सेवा में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है और वे अमेरिका में स्लोवेनिया के राजदूत सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जनेज जानसा को प्रधानमंत्री चुने जाने पर बधाई दी थी। भारत और स्लोवेनिया के बीच 1992 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे और दोनों देशों के संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक सहयोग, नवाचार तथा प्रौद्योगिकी आधारित साझेदारी के आधार पर लगातार मजबूत हो रहे हैं।

भारत-अमेरिका सेना वार्ता में रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती

भारत और अमेरिका के बीच 29वीं ‘आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता’ हवाई में आयोजित हुई, जिसमें दोनों देशों ने रक्षा सहयोग और सैन्य समन्वय को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। बैठक की सह-अध्यक्षता भारतीय सेना के उप सेना प्रमुख (रणनीति) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और अमेरिकी सेना प्रशांत के उप कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल वोवेल ने की। भारतीय सेना के अनुसार, वार्ता में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने, सेनाओं के बीच तालमेल मजबूत करने, पेशेवर आदान-प्रदान का विस्तार करने और साझा सुरक्षा हितों के लिए सैन्य सहयोग को गहरा करने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने बढ़ते रक्षा संबंधों की सराहना करते हुए भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को लेकर कई उच्चस्तरीय बैठकें हुई हैं। इनमें क्षेत्रीय सुरक्षा, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों और रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की गई है।

यूएस ने ब्रिटेन-डेनमार्क और कुवैत को रक्षा सौदों की मंजूरी दी

अमेरिका ने ब्रिटेन, डेनमार्क और कुवैत को कुल लगभग 3 अरब डॉलर के संभावित सैन्य उपकरणों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, सबसे बड़ा सौदा कुवैत के लिए है, जिसकी अनुमानित कीमत 1.98 अरब डॉलर है। इसके तहत कुवैत को ड्रोन-रोधी प्लेटफॉर्म, कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरण और अन्य रक्षा संसाधन मिलेंगे। डेनमार्क को 842 मिलियन डॉलर के सौदे के तहत 200 लंबी दूरी की AGM-158 JASSM-ER मिसाइलें और संबंधित उपकरण खरीदने की मंजूरी दी गई है। इससे उसकी वायुसेना के F-35 लड़ाकू विमानों की मारक क्षमता बढ़ेगी।

वहीं ब्रिटेन को 160 मिलियन डॉलर के सौदे के तहत बड़े विमानों को मिसाइल हमलों से बचाने वाली इंफ्रारेड काउंटरमेजर प्रणाली और संबंधित उपकरण मिलेंगे। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि इन सौदों से क्षेत्रीय सैन्य संतुलन प्रभावित नहीं होगा और अमेरिकी रक्षा तैयारियों पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।

अफ्रीका में इबोला का बढ़ता खतरा

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक 452 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 82 लोगों की मौत हो गई है। 4 जून को ही 71 नए मामले और 21 मौतें दर्ज की गईं, जिससे सामुदायिक संक्रमण की गंभीरता बढ़ गई है। वर्तमान में 258 मरीज इलाज या आइसोलेशन में हैं।

स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने कमजोर संपर्क-ट्रेसिंग, दवाओं और चिकित्सा संसाधनों की कमी तथा 2.15 करोड़ डॉलर की फंडिंग कमी जैसी चुनौतियां हैं। पड़ोसी युगांडा में भी तीन नए मामले सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 19 हो गई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अफ्रीका CDC और WHO ने जून से नवंबर तक के लिए 518 मिलियन डॉलर की महाद्वीपीय इबोला तैयारी एवं प्रतिक्रिया योजना शुरू की है। अब तक 34 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हुए हैं, जिनमें सात की मौत हो चुकी है।

दक्षिणी लेबनान पर इस्राइली हमले जारी

इस्राइल द्वारा दक्षिणी लेबनान पर हमले अभी भी जारी हैं। शुक्रवार को इस्राइल ने दक्षिणी लेबनान के विभिन्न इलाकों में हवाई हमले किए और नौ गांवों के निवासियों को तत्काल क्षेत्र खाली करने की चेतावनी जारी की। इनमें एक ऐसा गांव भी शामिल है, जो अब तक बड़े पैमाने पर तबाही से बचा रहा था और तीन महीने के संघर्ष के दौरान विस्थापित हजारों लोगों को शरण दे रहा था।

लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में छह अलग-अलग स्थानों पर हुए इस्राइली हमलों में नौ लोगों की मौत हो गई। नई चेतावनियों के बाद सैदोन बंदरगाह शहर के निकट स्थित अन्कौन गांव और मगदूशेह क्षेत्र के आसपास से सैकड़ों परिवारों को पलायन करना पड़ा। वहीं, कई इलाकों में लोग इस्राइली सेना और हिजबुल्ला के बीच हुई लड़ाई के बाद अपने घरों की स्थिति का जायजा लेने लौटने लगे हैं।

युद्ध की मार से तबाह हुए कई गांव

दक्षिणी लेबनान के काफी इलाके पहले ही युद्ध की वजह से भारी तबाही झेल चुके हैं। कई गांव खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। इनमें मरजायौन कस्बे के पास स्थित दिब्बीन गांव भी शामिल है, जहां से इस्राइली सैनिक एक दिन पहले ही पीछे हटे थे।

युद्धविराम समझौते पर जारी विवाद

मौजूदा युद्धविराम समझौते के तहत लेबनान की सशस्त्र सेनाओं को उन सुरक्षा क्षेत्रों का नियंत्रण संभालना है, जहां उग्रवादी समूहों की मौजूदगी पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, इस्राइल और लेबनानी सरकार के बीच हुए इस समझौते को हिजबुल्ला ने खारिज कर दिया है। संगठन का कहना है कि किसी भी व्यवस्था से पहले इस्राइल को पूरी तरह लेबनान से अपनी सेना हटानी चाहिए।



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