फर्जी Taj Mahal टिकट वेबसाइट से रहें सावधान:cyberdost ने जारी की चेतावनी, ऑनलाइन बुकिंग में हो सकती है ठगी – Fake Taj Mahal Ticket Booking Website Cyberdost Warning Online Fraud


भारत सरकार के इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की CyberDost पहल ने लोगों को एक कथित फर्जी वेबसाइट से सतर्क रहने की सलाह दी है। यह वेबसाइट खुद को ताजमहल की ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा बताकर यूजर्स को भ्रमित कर रही है। CyberDost ने अपने आधिकारिक X अकाउंट के जरिए इस संबंध में एडवाइजरी जारी की है।

असली जैसा दिखने वाला फर्जी पोर्टल

CyberDost के मुताबिक “ticketstajmahal.com” नाम की वेबसाइट देखने में अधिकृत टिकट बुकिंग पोर्टल जैसी लगती है। इसी वजह से कई लोग इसे असली सरकारी या अधिकृत वेबसाइट समझ सकते हैं। साइबर एजेंसी का कहना है कि ऐसे फर्जी पोर्टल खासतौर पर भरोसा जीतने और लोगों से पैसे व संवेदनशील जानकारी हासिल करने के लिए बनाए जाते हैं।

एडवाइजरी में कहा गया है कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग करते समय वेबसाइट का URL ध्यान से जांचना बेहद जरूरी है। इसके अलावा उन वेबसाइट्स से भी बचने की सलाह दी गई है, जो “फास्ट बुकिंग”, भारी डिस्काउंट या कम कीमत में एंट्री टिकट देने का दावा करती हैं।

पेमेंट डिटेल्स साझा करना पड़ सकता है भारी

CyberDost ने साफ कहा है कि अनजान वेबसाइट्स पर अपनी बैंकिंग डिटेल्स, कार्ड जानकारी या अन्य निजी डेटा दर्ज करना खतरनाक साबित हो सकता है। इससे वित्तीय धोखाधड़ी और डेटा चोरी का खतरा बढ़ जाता है।

 

एडवाइजरी में कहा गया, “फर्जी बुकिंग वेबसाइट्स आपके पैसे और निजी डेटा दोनों को जोखिम में डाल सकती हैं।” साथ ही लोगों से अपील की गई है कि ताजमहल या किसी भी ऐतिहासिक स्मारक के टिकट केवल अधिकृत सरकारी या पर्यटन प्लेटफॉर्म से ही खरीदें।

साइबर ठगी होने पर क्या करें?

CyberDost ने लोगों को याद दिलाया कि अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। इसके अलावा आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल

इस चेतावनी के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि अगर वेबसाइट फर्जी है, तो उसे अब तक बंद क्यों नहीं किया गया। कुछ यूजर्स का कहना था कि केवल जागरूकता पोस्ट डालना काफी नहीं है, बल्कि ऐसी वेबसाइट्स को जल्द से जल्द हटाया भी जाना चाहिए ताकि और लोग ठगी का शिकार न हों।

एक यूजर ने अपने साथ हुई ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड की घटना साझा करते हुए पूछा कि शिकायत दर्ज कराने के बाद क्या साइबर फ्रॉड में गंवाया गया पैसा वापस मिल सकता है।

तेजी से बढ़ रहे हैं फर्जी ट्रैवल और बुकिंग स्कैम

यह मामला दिखाता है कि छुट्टियों और ट्रैवल सीजन के दौरान फर्जी ट्रैवल और टिकट बुकिंग वेबसाइट्स का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। साइबर अपराधी असली वेबसाइट्स की तरह दिखने वाले पोर्टल बनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी वेबसाइट पर जाने से पहले उसका एड्रेस दोबारा जांचें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और केवल सत्यापित सरकारी या आधिकारिक प्लेटफॉर्म के जरिए ही पेमेंट करें। इसके अलावा अनजान विज्ञापनों या मैसेज के जरिए प्रमोट की जा रही वेबसाइट्स से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *