आवेदन के लिए क्या है योग्यता?
- वैज्ञानिक-बी (यांत्रिक): इस पद के लिए उम्मीदवार के पास भौतिकी में मास्टर डिग्री या मैकेनिकल/मेटलर्जी इंजीनियरिंग में बी.ई./बी.टेक होना चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवार के पास संबंधित क्षेत्र की जानकारी होना जरूरी है। अनुभव की बात करें तो, एम.एससी. वालों के लिए किसी मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में टेस्टिंग, कैलिब्रेशन या मेट्रोलॉजी का 1 वर्ष का अनुभव चाहिए। वहीं बी.ई./बी.टेक वालों के लिए 2 वर्ष का अनुभव आवश्यक है।
- वैज्ञानिक अधिकारी (गैर-विनाशकारी): इस पद के लिए भौतिकी में पोस्ट ग्रेजुएशन या इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल या मेटलर्जी इंजीनियरिंग में डिग्री जरूरी है। यह पद तकनीकी और शोध कार्यों से जुड़ा हुआ है। अनुभव के तौर पर उम्मीदवार के पास एनडीटी लैब में काम करने या एक्स-रे डिफ्रैक्शन और फेल्योर एनालिसिस जैसी तकनीकों में कम से कम 1 वर्ष का अनुभव होना चाहिए।
- पुरातत्व अभियंता के अधीक्षण: इस पद के लिए सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री होना अनिवार्य है। यह पद ऐतिहासिक और सरकारी निर्माण कार्यों से जुड़ा होता है। अनुभव में उम्मीदवार के पास सिविल निर्माण कार्यों की योजना, निष्पादन और निगरानी में कम से कम 8 वर्षों का अनुभव होना चाहिए, खासकर सरकारी या विरासत स्थलों पर काम का।
- सहायक प्रोफेसर (सिविल/सर्वेक्षण): इस पद के लिए बी.ई./बी.टेक (सिविल) के साथ एम.ई./एम.टेक (जियो-इन्फॉर्मेटिक्स या सर्वे टेक्नोलॉजी) में फर्स्ट क्लास होना जरूरी है।
आयु सीमा की शर्तें
सभी पदों के लिए अलग-अलग उम्र सीमा तय की गई है। वैज्ञानिक-बी के लिए सामान्य उम्र 35 साल है, जिसमें आरक्षित वर्गों को छूट मिलती है। वैज्ञानिक अधिकारी के लिए उम्र सीमा 33 साल है और इसमें भी नियमों के अनुसार छूट दी जाती है। पुरातत्व अभियंता पद के लिए उम्र 40 साल तक है और दिव्यांग उम्मीदवार 50 साल तक आवेदन कर सकते हैं। सहायक प्रोफेसर के लिए उम्र सीमा 38 साल रखी गई है और बाकी वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार छूट मिलती है।