फुटबॉल संचालक वैश्विक संस्था फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने इस्राइल-फलस्तीन के पदाधिकारियों को मंच पर बुलाकर हाथ मिलवाने की कोशिश की, लेकिन फलस्तीन के स्पष्ट इनकार करने से कवायद बैकफायर हो गई। सोशल मीडिया पर उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ कम वक्त बिताने की सलाह मिल रही है, जो उनके जिगरी दोस्त हैं।
राजौब ने सुलेमान ने नहीं मिलाए हाथ
गुरुवार को 76वीं फीफा कांग्रेस में इन्फेंटिनो ने मंच पर इस्राइली फुटबाल संघ के उपाध्यक्ष बासिम शेख सुलेमान व फलस्तीन फुटबाल संघ के अध्यक्ष जिब्रिल राजौब को आमंत्रित किया। दोनों से बच्चों को उम्मीद देने के नाम पर आपस में हाथ मिलाने की अपील की, लेकिन राजौब ने सुलेमान से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया और इन्फेंटिनो के गाल पर अलविदा चुंबन कर मंच से चले गए। फलस्तीन फुटबॉल की उपाध्यक्ष सुसान शलाबी ने कहा, हम उस व्यक्ति से हाथ नहीं मिला सकते, जिसे इस्राइलियों ने अपने फासीवाद और नरसंहार को छिपाने के लिए भेजा है। हम पीड़ित हैं।
ट्रंप को फीफा पीस प्राइज देने पर भी घिरे थे जियानी
पिछले साल दिसंबर में जियानी इन्फेंटिनो ने फीफा की तरफ से हर साल फीफा पीस प्राइज देने की घोषणा की थी। यह प्राइज पहली बार डोनाल्ड ट्रंप को शांतिदूत बताते हुए दिया गया, जिसके लिए इन्फेंटिनो बेहद विवाद में घिरे थे। उन पर ट्रंप की छवि चमकाने की कोशिश का आरोप लगा था। बता दें कि इस बार फीफा विश्व कप का आयोजन अमेरिका ही कर रहा है।