Us Tariffs:अमेरिका में विदेशी दवाओं पर अब लगेगा 100% तक टैरिफ, ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर किया हस्ताक्षर – Donald Trump Unveils 100 Pc Tariff On Some Patented Drugs On Liberation Day Anniversary News In Hindi
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक नया कार्यकारी आदेश जारी किया, जिसके तहत विदेशी दवाओं पर 100 प्रतिशत तक की आयात दर (टैरिफ) लगाने का रास्ता खुल गया है। यह आदेश उन दवाओं पर लागू होगा जिनके लिए अमेरिकी कंपनियों के साथ विशेष कीमत समझौता नहीं होगा या जिनकी उत्पादन इकाइयां अमेरिका में नहीं बनाई जा रही हैं। जो कंपनियां अमेरिका में उत्पादन सुविधाएं बना रही हैं और कीमत समझौता कर चुकी हैं, उनके लिए कोई टैरिफ नहीं लगेगा।
दूसरी ओर जिन कंपनियों ने समझौता नहीं किया लेकिन अमेरिका में उत्पादन कर रही हैं, उन पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगेगा, जो चार साल में बढ़कर 100 प्रतिशत हो जाएगा। प्रशासन ने कंपनियों को 120 से 180 दिनों तक बातचीत करने का समय दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है क्योंकि विदेशी दवाओं और उनकी सामग्री पर अमेरिका निर्भर है।
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आदेश की आलोचना भी हो रही, समझिए क्यों?
बता दें कि इस आदेश पर आलोचना भी हो रही है। फार्मास्युटिकल ट्रेड समूह PhRMA के सीईओ स्टीफन जे उब्ल ने चेतावनी दी कि इससे दवाइयों की कीमत बढ़ सकती है और अमेरिकी निवेश पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में पहले से ही बायोफार्मास्युटिकल उत्पादन मजबूत है और ज्यादातर दवाएँ भरोसेमंद देशों से आती हैं।
धातुओं, स्टील के आयात पर भी टैरिफ
इसके साथ ही ट्रंप ने धातुओं, स्टील, एल्यूमिनियम और तांबे के आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ का अपडेट भी किया। अब इन धातुओं और उनके मिश्रित उत्पादों के लिए टैरिफ उनकी पूरी कीमत पर लागू होगा। जिन उत्पादों में 15 प्रतिशत से कम धातु है, उनके लिए देश-विशेष टैरिफ लागू होंगे, और जिनमें अधिक है, उनके लिए 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। ये नए आदेश ट्रंप की मौजूदा कड़ी व्यापार नीति का हिस्सा हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ किया था रद्द
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में कुछ पुराने टैरिफ को रद्द कर दिया था, लेकिन ट्रंप ने अब सेक्टर-विशेष और उत्पाद-विशेष टैक्स का सहारा लेकर आयात पर दबाव जारी रखा है। उनका कहना है कि इससे अमेरिका की चोरी हुई संपत्ति वापस आएगी, व्यापार घाटा घटेगा और उत्पादन देश में लौटेगा।
कुल मिलाकर ट्रंप का यह कदम अमेरिकी कंपनियों को प्रोत्साहित करने, विदेशी दवाओं पर निर्भरता कम करने और अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन इसके परिणाम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और उपभोक्ता कीमतों पर भी पड़ सकते हैं।