Kerala:बिशप फ्रैंको मुलक्कल केस में केरल सरकार ने नियुक्त किया विशेष लोक अभियोजक, जानिए पीड़ित नन ने क्या कहा – Kerala Government Appoints Special Public Prosecutor In Bishop Mulakkal Case; Find Out What The Victim Said
जालंधर के पूर्व बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ बलात्कार मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। पीड़ित नन ने केरल हाईकोर्ट में कानूनी कार्यवाही के लिए विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति पर केरल सरकार और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का आभार जताया है।
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नियुक्ति की जानकीर मीडिया रिपोर्ट्स से मिली
शनिवार को कुराविलंगड में पीड़ित नन ने कहा कि उन्हें इस नियुक्ति की जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए मिली। उन्होंने कहा कि मैं सरकार, मुख्यमंत्री, मीडिया और मीडिया कर्मियों का धन्यवाद करती हूं। समाज के कई लोगों ने भी हस्ताक्षर अभियान के जरिए हमारे समर्थन में आवाज उठाई, इसके लिए मैं सभी की आभारी हूं।
किसे किया गया नियुक्त?
मुख्यमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को बताया था कि वरिष्ठ अधिवक्ता बी. जी. हरिंद्रनाथ को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है और इससे संबंधित अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी। पीड़ित नन ने बताया कि उनकी ओर से हरिंद्रनाथ को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का अनुरोध किया गया था।
हरिंद्रनाथ ने कहा कि कई गलतियां हुईं। मुझे विश्वास है कि अपील में हमारे जीतने की अच्छी संभावना है। वरिष्ठ वकील ने आगे कहा कि पीड़ित को सह-अपराधी के रूप में देखना सही नहीं है, जैसा कि निचली अदालत में हुआ था। हरिंद्रनाथ ने एक टीवी चैनल को बताया कि अन्य लोगों के बयानों के आधार पर (अदालत द्वारा) पीड़ित की बात पर विश्वास नहीं किया गया। मुझे लगता है कि पीड़ित के साथ अन्याय हुआ है।
पीड़िता ने मुख्यमंत्री से किया था अनुरोध
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने उन्हें और उनके समर्थन में खड़ी अन्य ननों को राशन कार्ड जारी किए, जिसके लिए वह राज्य सरकार की आभारी हैं। पीड़ित नन ने हाल ही में खुलासा किया था कि उन्होंने सरकार को औपचारिक अनुरोध सौंपा था और बाद में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति की मांग की थी।
इस मांग के सामने आने के बाद कानून मंत्री पी. राजीव ने कहा था कि केरल हाईकोर्ट में लंबित किसी मामले के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने से जुड़े प्रावधानों की जांच की जाएगी।
गौरतलब है कि फ्रैंको मुलक्कल को 2022 में ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में बरी कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने जालंधर के बिशप पद से इस्तीफा दे दिया था। पीड़ित नन ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को केरल हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर सुनवाई जारी है।