Oil Reserve:दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार वेनेजुएला के पास, अमेरिका की कार्रवाई से बाजार पर कितना असर जानें – Venezuela Has The World’s Largest Oil Reserves. Find Out How Much The Us Action Will Affect The Market


वेनेजुएला को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में इशारा किया है कि पूरा मामला तेल से जुड़ा है। यह टिप्पणी उस घटनाक्रम के एक दिन बाद आई, जब अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया। 

कई महीनों तक धमकियों और दबाव की रणनीति के बाद अमेरिका ने शनिवार को वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई की और वामपंथी राष्ट्रपति निकोलस मादुरो औको सत्ता से बेदखल कर दिया। इस कार्रवाई के बाद मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां उन्हें ड्रग्स और हथियारों से जुड़े मामलों में मुकदमे का सामना करना होगा।

इस अमेरिकी ऑपरेशन के साथ मादुरो के 12 साल लंबे शासन का अंत हो गया। मादुरो पर अमेरिका ने 5 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें मादुरो कैरेबियन सागर में तैनात एक अमेरिकी नौसैनिक जहाज पर हथकड़ी लगाए और आंखों पर पट्टी बंधे नजर आ रहे हैं।

वेनेजुएला में हुए इन घटनाक्रमों ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है, इसका वैश्विक तेल बाजार पर क्या असर पड़ेगा? दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल भंडार रखने वाले देश में राजनीतिक उथल-पुथल की खबरें आते ही निवेशकों की नजर आपूर्ति, निर्यात और कीमतों पर टिक गई है।

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वेनेजुएला के पास वैश्विक तेल भंडार का कुल पांचवा हिस्सा

बता दें कि वेनेजुएला के पास करीब 303 अरब बैरल कच्चे तेल का विशाल भंडार है, जो दुनिया के कुल तेल भंडार का लगभग पांचवां हिस्सा है। यह जानकारी अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (ईआईए) के आंकड़ों पर आधारित है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतना बड़ा तेल भंडार देश के भविष्य की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। 



तकनीकी खामियों और गलत नीतिगत फैसलों ने वेनेजुएला को किया पिछे

वेनेजुएला के पास विश्व के तेल भंडार के करीब 18 प्रतिशत हिस्सा है। लेकिन तकनीकी खामियों और वर्षों तक लिए गए गलत राजनीतिक व नीतिगत फैसलों के चलते वेनेजुएला अपने विशाल तेल भंडार का सिर्फ करीब एक प्रतिशत ही उत्पादन कर पा रहा है। इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल इसका वैश्विक तेल बाजार पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा। 

क्या अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला जाएंगी?

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका फिलहाल वेनेजुएला की सरकार के संचालन में भूमिका निभाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि हमारी बेहद बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियां,जो दुनिया में सबसे बड़ी हैं,वहां जाएंगी। वे अरबों डॉलर का निवेश करेंगी और पूरी तरह जर्जर हो चुकी तेल अवसंरचना को दुरुस्त करेंगी।



ट्रंप के इस बयान के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजारों की नजर वेनेजुएला पर टिक गई है। विश्लेषकों के अनुसार, अगर निवेश और उत्पादन में वाकई तेजी आती है, तो मध्यम अवधि में यह वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों के संतुलन को प्रभावित कर सकता है।



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