Pmla Case:मद्रास Hc पहुंचे कार्ति चिदंबरम, संपत्ति कुर्की आदेश के खिलाफ खटखटाया दरवाजा; Ed को मिला नोटिस – Pmla Case: Congress Mp Karthi Chidambaram Challenges Order, Goes To Madras Hc


कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से उनकी संपत्तियों की कुर्की के आदेश को चुनौती देते हुए मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में हाई कोर्ट ने मंगलवार को ईडी को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश एम. एम. श्रीवास्तव और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने ईडी से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की है।

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क्या है पूरा मामला?

यह मामला एयरसेल-मैक्सिस सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों से जुड़ा है। ईडी ने 23 सितंबर 2017 को कार्ति चिदंबरम की 1.16 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं। इसके बाद में अधिनिर्णायक प्राधिकरण ने इस कुर्की की पुष्टि भी कर दी। कांग्रेस सांसद ने इस आदेश को अपीलीय न्यायाधिकरण में चुनौती दी थी, लेकिन वहां उनकी अपील खारिज हो गई। इसी फैसले के खिलाफ अब वे मद्रास हाई कोर्ट पहुंचे हैं।

क्या है कार्ति की दलील?

कार्ति चिदंबरम ने अपनी याचिका में कहा, एयरसेल-मैक्सिस मामले में सीबीआई ने साल 2011 में प्राथमिकी दर्ज की थी और 2014 में आरोपपत्र दायर किया। लेकिन न तो एफआईआर में और न ही चार्जशीट में उनका नाम आरोपी के रूप में शामिल है। जिस समय संपत्ति कुर्की की पुष्टि हुई (12 मार्च 2018), उस समय पीएमएलए के तहत उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं था, इसलिए कुर्की का आदेश वैध नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि ईडी ने उनके खिलाफ अभियोजन शिकायत बाद में, यानी 13 जून 2018 को दाखिल की, जिसका पिछली कुर्की पर कोई असर नहीं होना चाहिए।

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क्या हैं कार्ति की मांग?

वहीं इस मामले में कार्ति चिदंबरम का कहना है कि, निर्धारित समयसीमा के अनुसार, ईडी की तरफ से की गई कुर्की अपने आप समाप्त हो चुकी थी, क्योंकि उस समय कोई लंबित मामला नहीं था। इसलिए, कुर्की आदेश ‘कानूनी रूप से मृत’ माना जाना चाहिए। अब इस मामले में हाई कोर्ट ईडी से जवाब मिलने के बाद आगे सुनवाई करेगा। फिलहाल उनकी अपील पर फैसला तीन हफ्तों बाद आएगा।



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